Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare?

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हेलो दोस्तों! उंन्मीद है आप सभी बोहत अच्छे होंगे! आज का हमारा टॉपिक आप सभी के लिए हमेशा की तरह काम काम का ही हैं! Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare.

दोस्तों हम सभी अपनी लाइफ में कही न कही किसी न किसी ऑब्जेक्ट ( वस्तु ) या किसी न किसी पर्सन से अटैच्ड होते ही जाने अनजाने में!

तो दोस्तों आज हम जानेंगे कि अटैचमेंट लगती कैसे है?
Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare?

Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare?

Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare.

अटैचमेंट होना आम बात है लेकिन मसला बेठता है कि अच्छी राह की तरफ है या बुरी!

अटैचमेंट होना शुरु कैसे होती है? एक एक्साम्पल, से समझते हैं , अब कोई लड़का एक कॉलेज में एडमिशन लेता और कॉलेज की आज़ादी उसे अच्छी लगती है|  और वो अपने दोस्तों को धूम्रपान देखता हैं उसे ये सब बोहत कूल और अट्रैक्टिव लगता है और वो ट्रआय करता है | 

हालांकि वो बोहत परेशानी महसूस करता है लेकिन फिर वो सोचता है सिगरेट पीने से मेरा दोस्त खुश होता ह मैं क्यों नहीं!! इस तरह वो स्मोक की हैबिट बना लेता है!

अब असल मायनो में देखा जाय तो अटैचमेंट बननी तभी चालू होती है जब हम किसी चीज़ या किसी इंसान में खुशिया तलाशना जारी देते हैं!

जब अटैचमेंट बन जाती है तो ये डिजायर बन जाती है और डिजायर से हमारे गुस्से और बदल जाती हैं!

बोहत कमाल की बात ” विलियम जेम्स ” ने कही है कि
” इफ़ दी ऑब्जेक्ट अ लोट दी ऑब्जेक्ट आर लेस्स यू विल बी अनहैप्पी इफ़ दी ऑब्जेक्ट आर प्लेंटी , डिजायर इस लेस्स यू विल बी हैप्पी!!”

Emotional Attachment ko Kaise Kam Kare.

अब बात आती है कि अटैचमेंट को कैसे काम या ख़तम किया जाए|
श्री वेद व्यास जी कहते है कि यदि कोई अपनी तीव्र मनसा को अगर तीव्र संकल्प में निर्धारित करता है| और तीव्र
प्रयत्न करता है तो वो अपनी आसक्ति पर नियंत्रण रखता है|

यानी हमे पता होता है कोनसी अटैचमेंट हमारे लिए अच्छी हैं| या नहीं और हम हमारी अटैचमेंट्स क लिए पूरी तरफ से खुद ही ज़िम्मेदार होते |

अपनी अटैचमेंट को नॉलेज गुड हैबिट में लगाएं| आप अपने सचेडूले में अटैचमेंट रेप्लस कर सकते है अच्छी वस्तुओ या लोगो  अच्छा यही होगा कि आप ज्ञान से अटैचमेंट बनाय|

तो इसी क साथ हमने देखा कि अटैचमेंट प्रोसेस कैसे हैं तो दोस्तों अटैचमेंट होना बुरी बात नहीं है और अगर आप में कोई बुरी अटैचमेंट हैं तो जल्दी से उसे अच्छी अटैचमेंट से रिप्लेस करिये! अपने ऑब्जेक्ट्स बढ़ाये और डिजायर लेस्स करे बुरी आदत में खुशिया न देखे!

कोंस्तांतली रिपीट दी गुड प्रोसेस ऑफ़ अटैचमेंट! उसमें ख़ुशी ढूंढे!

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Ekta Verma

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